चौंकाते रहे हैं धौनी



परवेज कुरैशी

74 वें स्वतंत्रता दिवस के दिन रात्रि लगभग सात से आठ बजे बीच अचानक सोशल मीडिया में खबर चलने लगी कि माही महेंद्र सिंह धौनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया। धौनी के फैंस के लिए यह खबर किसी बुरे सपने की तरह थी।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से इतनी जल्दी महेंद्र सिंह धौनी जैसे खिलाड़ी का संन्यास किसी को पच नहीं रहा था, लेकिन धौनी ऐसे ही अचानक अपने फैसले से चौंकाते रहे हैं। उनके इस फैसले के बाद तो तरह-तरह के सोशल साइट पर खबरें चलने लगीं। उनके चाहनेवाले उनके हेलीकॉप्टर शॉट पर काफी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं कि अब देश के लोगों को हेलीकॉप्टर शॉट देखने का मौका नहीं मिलेगा। लेकिन ऐसे लोगों से यह भी मैं कहना चाहूंगा कि महेंद्र सिंह धौनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेकर सही समय पर सही निर्णय लिया है। अब उनके रिक्त स्थान पर किन्ही को आने का मौका मिलेगा। कई ऐसे युवा खिलाड़ी हैं जो उस रिक्त जगह को भर सकते हैं।

आपको बता देते हैं कि महेंद्र सिंह धौनी ने अपने कॅरियर की शुरुआत रन आउट की थी और उन्होंने अपने अंतिम मैच में भी रन आउट हुए थे और इसके बाद ही संन्यास लिया है । 23 दिसंबर 2004 चटगांव में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे मैच से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी और पहले ही गेंद पर महेंद्र सिंह धौनी रनआउट हो गए थे, हालांकि इस मैच में भारत को जीत मिली थी । 2019 में हुए विश्वकप न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में धौी रन आउट हो गए थे और वल्र्ड कप के मैदान से बाहर हो गए। महेंद्र सिंह धौनी का यह अंतिम अंतरराष्ट्रीय मैच था, क्योंकि 15 अगस्त 2020 को उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

महेंद्र सिंह धौनी झारखंड के राजधानी रांची के रहने वाले हैं। यहीं पैदा हुए और यही पले बड़े, पढ़े लिखे और आगे बढ़े। उनके कई दोस्त आज भी गुमनाम गलियों में आपको धौनी की कहानी सुनाते मिल जाएंगे जो कभी महेंद्र सिंह धौनी के खास दोस्तों में शुमार थे। ऐसे कई दोस्त भी मिल जाएंगे जो माही के धौनी बनने के बाद में आए और काफी तरक्की भी कर ली। धोनी जितना मान-सम्मान, दौलत, रुतबा कमाया है। एक छोटे शहर के युवाओं के लिए प्रेरणादायक हो सकते हैं, लेकिन कई विवाद भी उनके साथ जुड़ा रहा है।

महेंद्र सिंह धौनी अपने शुरुआती दौर में मेहनत और स्ट्रगल तो किए लेकिन वह दिमाग के काफी तेज थे। इसलिए वह अपने उन साथियों से खेल के हुनर तो सीखें लेकिन उन्हें वहीं छोड़ दिये और खुद आगे बढ़ते चले गए। हेलीकॉप्टर शॉट जिसकी प्रशंसा की जा रही है, उस हेलीकॉप्टर शॉट को लगाने वाला उसका करीबी दोस्त रहे संतोष लाल थे, जो अब इस दुनिया में नहीं रहे। यह उनका पसंदीदा शॉट हुआ करता था। जिसे देखकर धौनी ने सीखा और इसी शॉट न उन्हेंं दुनिया का बेस्ट क्रिकेटर बना दिया। धौनी रांची में रहे आलीशान बंगला बनवाया लेकिन यहां के बच्चों के लिए खेल प्रशिक्षण कैंप आयोजित नहीं कर पाए , हालांकि इरफान पठान का एक कैंप रांची में चलता है, जहां बच्चे प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। धौनी पर बायोपिक फिल्म नीरज पांडे ने बनाई थी अनटोल्ड महेंद्र सिंह धौनी। इस फिल्म में उनके किरदार को बखूबी निभाने वाले सुशांत सिंह राजपूत जिन्होंने हाल ही में सुसाइड कर ली। राजपूत ने धौनी के किरदार को जीवंत करने के लिए कई दिनों तक उनके परिवार के बीच में रहे। जब सुशांत ने सुसाइड किया और उसकी खबर सोशल मीडिया पर चली तब महेंद्र सिंह धोनी ने ट्वीट तक नहीं किया और न ही कोई अफसोस जताया। इनका निजी कारण चाहे जो भी रहा हो लेकिन जब सोशल साइट्स पर धोनी की आलोचना होने लगी तो उन्होंने सोशल साइट पर अपनी संवेदना व्यक्त की जो माॢमक थी। हालांकि सुशांत सिंह राजपूत की दुखद घटना से कुछ दिन पहले उन्होंने अपने रांची स्थित रिंग रोड के पास वाले फॉर्म हाउस में कोरोना संक्रमण के दौरान लॉकडाउन के समय एक बीमार चिडिय़ा के साथ सोशल साइट पर अवतरित जरूर हुए थे।

महेंद्र सिंह धोनी का संबंध जेएससीए के पूर्व अध्यक्ष अमिताभ चौधरी और राजनीतिक में अपना करियर बनाने वाले सुदेश महतो से भी रहा है। लेकिन जेएससीए चुनाव के दौरान महेंद्र सिंह धौनी सुदेश महतो की तरफ न जाकर अमिताभ चौधरी के पक्ष में रहे, जिस कारण से जेएससीए के अध्यक्ष सुदेश महतो नहीं बन पाये। हालांकि दोनों में मित्रता अभी भी है । धौनी के संन्यास लेने की खबर ही मिली थी कि सोशल साइट पर अपने-अपने तरह की प्रतिक्रियाएं भी लोगों ने देनी शुरू कर दी। इस दौरान सबसे ज्यादा जो प्रतिक्रियाएं आ रही है वह यह है कि धौनी पर यह कहा जा रहा है कि उन्होंने 2019 में हुए झारखंड विधानसभा में भाजपा के लिए प्रचार प्रसार नहीं किए जिस कारण से यह दबाव बनाया गया कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लें। हालांकि यह बात कतई विश्वसनीय नहीं लगती। महेंद्र सिंह धौनी का अगला कदम क्या होगा? यह जानने को लोग उत्सुक हैं? क्या वे फिर इसी तरह चौकाएंगे? भाजपा के वरिष्ठ नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने यह भी कह दिया कि धौनी के लिए भाजपा का दरवाजा खुला है। झारखंड के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने भी कहा कि धौनी देश की शान है अगर भाजपा में आते हैं तो उनका स्वागत है, तो वहीं रांची में कांग्रेस प्रवक्ता डा. तौसीफ ने कहा कि धौनी को विचार करना है कि वह किस विचारधारा के साथ जाना चाहेंगे।

अनटोल्ड स्टोरी में उनके भाई नरेंद्र सिंह की चर्चा नहीं के बराबर है। महेंद्र सिंह धोनी का शुरुआत से ही तमाड़ स्थित देवड़ी मंदिर में काफी आस्था रही है समय-समय पर जब भी रांची आते हैं तो देवड़ी मंदिर में दर्शन करने जरूर पहुंचते हैं, हालांकि मंदिर के आसपास दर्शनीय स्थल के रूप में विकसित नहीं किया जा सका, जबकि यह होना चाहिए था।