यहां काली गाय के दूध से होता है अभिषेक

खूंटी जिले तोरपा एक प्रखंड है। इसी प्रखंड का एक गांव है सिंड़ीग। फटका पंचायत के सिंड़ीग गांव में यह मंदिर दो नदियों बनई व कारो नदी के संगम पर है। इसलिए इसकी सुंदरता भी देखते बनती है। पूरा परिवेश प्राकृतिक है। सावन में तो चारों तरफ हरियाली ही नजर आती है। इस गांव के नाम से जाहिर है, यह शिव से संबंधित हैं। यहीं पर महादेव का एक परम...

ईश्वरीय ऊर्जा की खोज में है जीवन आलोक

Johar रात का अर्थ अंधेरा है। इससे डर लगता है। लेकिन अंधकार हमें रोशनी के अलावा कई बातें सिखाती है। लेकिन जीवन में अंधेरे का साथी कौन बने ? चंद्रमा को देखने से मानसिक शक्ति प्राप्त होती है, जीवन में मिठास का संचार होता है। जीवन में आये अंधेरा को अर्थ मिलता है। हम मानते हैं कि शुभ की शुरूआत ब्रह्मबेला से होती है। सूरज का क्षितिज पर आगमन हुआ, तो ...

काली मंदिर से चर्च तक गंगा जमुनी संस्कृति

Johar चर्च रोड! ऐतिहासिक प्राचीन काली मंदिर से प्रारंभ बहु बाजार के पास चर्च पर खत्म, जिसने जीवन के हर झंझा-तूफान को झेला फिर भी बड़े शान से खड़ा है। बीच में दो-दो मस्जिद। एक तरफ गुरुद्वारा कश्मीर वस्त्रालय के पास, दूसरी तरफ काली मंदिर के सामने महावीर मंदिर भी तो है। याने हिंदू, सिक्ख, ईसाई, मुस्लिम के धर्म स्थान एक साथ।

‘पुरुबे बनिजिया’ परंपरा, अर्थ और पलायन

Johar भारत में पलायन का इतिहास बहुत मार्मिक और करुणाजनक है। पलायन सिर्फ एक शब्द मात्र नहीं है। पलायन शब्द के भीतर जैसा दर्द, दंश और टीस भरी है उसे शब्दों शायद ही बताया जा सके। लेकिन पलायन का इस दर्द को भोजपुरी के गीतों में, परंपरागत ग्रामीण गीतों में, प्रेम संबंधी गीतों में, बिरह संबंधी गीतों में, श्रृंगार संबंधी गीतों में पलायन को बहुत हद तक उतारा गया है। आज ...
 

शहरनामा
राजनामा