देश के पहले आदिवासी उपन्यासकार



संजय कृष्ण

देश के पहले आदिवासी उपन्यासकार थे मेनस ओड़ेया (1884-1968)और पहला उपन्यास है 'मतुराअ: कहनिÓ। उपन्यास प्राचीन मुंडारी में 1920 के आस-पास लिखा गया। हालांकि यह बीसवीं शताब्दी के पिछले दशक में यानी 1984 में प्रकाशित हुआ, लेकिन लिखा गया बीसवीं शताब्दी के आरंभिक दशकों में। एक लंबा अंतराल लिखने और छपने के बीच। कारण, 1700 पृष्ठों का होना और भाषा मुंडारी। कोई प्रकाशक तैयार नहीं। कैसे छपे उपन्यास। कौन थे मेनस और कहां से मिली उपन्यास लिखने की प्रेरणा? कहानी बड़ी दिलचस्प है।

मेनस ओड़ेया 'इनसाइक्लोपीडिया आफ मुंडारिकाÓ के संकलनकर्ता फादर हाफमैन के स्टेनो थे। करीब पांच हजार ...
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