गाड़ी लोहरदगा मेल

Johar अब गाड़ी लोहरदगा मेल की यादें शेष हैं। यह पहली गाड़ी है, जिस पर वृत्तचित्र बना और देश भर में सराहा गया और पुरस्कृत भी किया। इसकी कहानी भी अजीब है। रांची में पहली बार यह ट्रेन 1907 में नैरो गेज पर चली थी, जो रांची से पुरुलिया तक गई थी। 1911 में इसका विस्तार करते हुए रांची से लोहरदगा तक कर दिया गया। यह ट्रेन रांची और लोहरदगा के ...

सेंसर की सड़ी कैंची....यथार्थ लेकिन सेंसर?

Johar सेंसर बोर्ड को लेकर सातवें दशक में एक बहस चली थी। 71-73 के दौरान 14 से भी अधिक फिल्मों पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसको लेकर तब धर्मयुग में एक बहस चली थी। आज भी सेंसर बोर्ड को लेकर जब-तब बहस होती रहती है। अभी मुल्क को लेकर भी बहस का दौर चल रहा है। धर्मयुग के इस बहस में डॉ राही मासूम रजा ने भाग लिया था। उनकी बेबाक ...
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