गुप्तेश्वर पांडेय और बक्सर की सीट



मृत्युंजय सिंह

पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय के जदयू में शामिल होते ही बक्सर विधानसभा सीट पर अब बीजेपी उम्मीदवार को लेकर संशय बरकरार हो गया है। जबकि 15वीं विधानसभा चुनाव के लिए हो रहे चुनाव में बक्सर विधानसभा का चुनाव प्रथम चरण में 28 अक्टूबर को निर्धारित है। इसके लिए प्रत्याशियों के नामजदगी का काम 1 अक्टूबर से लेकर 8 अक्टूबर तक चलेगा। 9 अक्टूबर को नामांकन किए उम्मीदवारों के नामांकन फॉर्म का स्क्रूटनी किया जाएगा। अभी तक चुनावी महासमर में उतरने वाले किसी भी पार्टी के प्रत्याशियों का नाम तय नहीं हुआ है।

रविवार को जैसे ही पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय जदयू की प्राथमिक सदस्यता ली। वैसे ही बक्सर के बीजेपी के कार्यकर्ताओं के दिल की धड़कने तेज हो गयी। बीजेपी की परंपरागत सीट रही बक्सर विधानसभा सीट हॉट सीट बन गई। वैसे तो बक्सर शुरू से ही सूबे में अपनी खास अहमियत रखता है। हालांकि अभी तक बीजेपी और जदयू ने अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा नहीं की है। इसलिए यहां के सीट शेयरिंग को लेकर दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं ने चुप्पी साध ली है।

इधर, बक्सर विधानसभा सीट पर जदयू के टिकट पर चुनाव लडऩे की बात जब पूर्व डीजपी गुप्तेश्वर पांडेय से मोबाइल पर की गई तो उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह पार्टी तय करेगी कि मैं कहां से चुनाव लडूंगा। यह तस्वीर भी दो-तीन दिनों के अंदर साफ हो जायेगा। बस आप और कुछ दिन इंतजार कीजिये। हालांकि दूसरी ओर जब बक्सर विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार को लेकर भाजपा के बक्सर जिला के पूर्व प्रभारी व पूर्व लोकसभा प्रभारी कौशल विद्यार्थी से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि यह पार्टी की पंरपरागत सीट रही है। अभी तक इस सीट को लेकर बीजेपी और जदयू के बीच कोई बात नहीं हुई है।

पार्टी की बक्सर जिला में दो सीट (बक्सर और ब्रह्मपुर) शुरू से रही है। इसलिए पार्टी हर हाल में इन दोंनो सीट से चुनाव लड़ेगी। जबकि जदयू के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने कहा कि सीट शेयरिंग का मामला ऊपर के स्तर से होता है। इसमें कार्यकर्ताओं की राय नहीं ली जाती है। राजनीति संभावनाओं का खेल है। इसलिये कुछ नहीं कहा जा सकता है।

गत चुनाव में जिले के सभी सीट महागठबंध के खाते में रही
गत चुनाव में जदयू-राजद और कांग्रेस महागठबंधन से बक्सर की राजनीति ने ऐसी करवट ली कि जिले के सभी चारों विधानसभा सीट पर एनडीए का खाता नहीं खुला। महागठबंधन ने राजग गठबंधन को ऐसी पटकनी दी कि बक्सर विधानसभा सीट से 2015 में बीजेपी की उम्मीदवार रहे प्रदीप दूबे को हार का सामना करना पड़ा और महागठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी संजय कुमार तिवारी जीत गये। जबकि 2010 के चुनाव में बीजेपी की विधायक रही प्रो सुखदा पांडेय ने राजद प्रत्याशी श्यामलाल कुशवाहा को 20183 वोटों से हराया था।

एनडीए ने गत चुनाव में बक्सर से तीन बार विधायक और सूबे में मंत्री रही सुखदा पाण्डेय को उम्मीदवार नहीं बनाया। मगर इस बार महागठबंधन और एनडीए के दोनों घटक दलों में पार्टी का समीकरण बदलते ही बक्सर के सभी विधानसभा सीटों पर विभिन्न राजनीतिक दलों के भीतर चुनाव महासमर में उतरने वाले योद्धाओं को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है। हालांकि बक्सर में चारों विधान सभा सीट में गत चुनाव में महागठबंधन के पाले में आयी सीटों में बक्सर से कांग्रेस प्रत्याशी संजय कुमार तिवारी, ब्रह्मपुर से राजद प्रत्याशी शंभू नाथ यादव ने जीत हासिल की, जबकि डुमरांव से जदयू के ददन पहलवान और राजपुर सुरक्षित से परिवहन मंत्री संतोष कुमार निराला परचम फहराने में कामयाब रहे।

 

समाजनामा

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